ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains With Question Paper Download

0

Hello Readers, आज हमारी यह पोस्ट उन छात्रो के लिए है जो UPSC की तैयारी कर रहें है और उनका Optional Subject, Hindi Sahitya (हिंदी साहित्य) है| इस pdf का नाम है ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains With Question Paper. दोस्तों हिंदी साहित्य को अपना वैकल्पिक विषय बनाना अपने आप में बड़ी बात होती है, जो छात्र इस विषय में रूचि रखते है और जिनको पहले से अच्छी जानकारी है तो वो लोग ही इसे अपना वैकल्पिक विषय बनाये| इस पीडीऍफ़ में आप लोगो को हिंदी साहित्य का सम्पूर्ण जानकारी मिलेगी इसलिए इसे अभी Download कर लें| हम आप लोगों के सुविधा के लिए इसमें Previous year का पेपर भी उपलब्ध करा दिए है इन्हें भी निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते है|

ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains
ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains

ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains:-

दोस्तों हम आप लोगो को हिंदी साहित्य का सामान्य परिचय भी निचे लिख रहे है इसे भी पढ़ें और पीडीऍफ़ को भी Download करें|

हिन्दी भारत और विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। उसकी जड़ें प्राचीन भारत की संस्कृत भाषा में तलाशी जा सकती हैं। परंतु हिन्दी साहित्य की जड़ें मध्ययुगीन भारत की ब्रजभाषा, अवधी, मैथिली और मारवाड़ी जैसी भाषाओं के साहित्य में पाई जाती हैं। हिंदी में गद्य का विकास बहुत बाद में हुआ और इसने अपनी शुरुआत कविता के माध्यम से जो कि ज्यादातर लोकभाषा के साथ प्रयोग कर विकसित की गई।हिंदी का आरंभिक साहित्य अपभ्रंश में मिलता है। हिंदी में तीन प्रकार का साहित्य मिलता है। गद्य पद्य और चम्पू। हिंदी की पहली रचना कौन सी है इस विषय में विवाद है लेकिन ज़्यादातर साहित्यकार देवकीनन्दन खत्री द्वारा लिखे गये उपन्यास चंद्रकांता को हिन्दी की पहली प्रामाणिक गद्य रचना मानते हैं।

हिंदी साहित्य का आरंभ आठवीं शताब्दी से माना जाता है। यह वह समय है जब सम्राट् हर्ष की मृत्यु के बाद देश में अनेक छोटे-छोटे शासन केंद्र स्थापित हो गए थे जो परस्पर संघर्षरत रहा करते थे। विदेशी मुसलमानों से भी इनकी टक्कर होती रहती थी। हिन्दी साहित्य के विकास को आलोचक सुविधा के लिये पाँच ऐतिहासिक चरणों में विभाजित कर देखते हैं, जो क्रमवार निम्नलिखित हैं:-

  • आदिकाल (1400 इसवी से पहले)
  • भक्ति काल (1375-1700)
  • रीति काल (1600-1900)
  • आधुनिक काल (1880 ईस्वी के पश्चात)
  • नव्योत्तर काल (1980 ईस्वी के पश्चात)

और अधिक जानकारी के लिए आप लोग Pdf डाउनलोड करके पढ़ सकते है|

About ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains:-

दोस्तों हम यंहा पर आप लोगो को Hindi Sahitya Pdf के बारे में कुछ Technical बाते बताना चाहते है जो निम्न है-

  • PDF Name:- ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains
  • Size:-  9 MB
  • Pages:- 352
  • Quality:- Good
  • Format:- PDF
  • Medium:- Hindi

Hindi Sahitya Previous Year Question Papers Download:-

दोस्तों किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए यह जरुरी है की आप पहले उस परीक्षा का Exam Pattern & Syllabus की पूरी जानकर अछे से समझ ले और फिर तैयारी करते समय आप Previous year Questions को भी जरुर देखा करें की आप जो पढ़ रहे हो उसे हल कर पा रहे हो या नहीं, और पिछले वर्षो में पूछे जाने वाले प्रश्नों के अभ्यास से आप लोगो के अन्दर आत्मविश्वास भी पढता है| इसलिए इस पीडीऍफ़ को जरुर डाउनलोड कर ले इसमें UPSC Mains 2017 में होने वाले पेपर-I & पेपर-II दोनों का पीडीऍफ़ है|

UPSC Mains Hindi Sahitya Paper-I Download

UPSC Mains Hindi Sahitya Paper-II Download


इसे भी देखें:- Hindi Hand Written Notes For All Competitive Exams Download

इसे भी देखें:- Public Administration Last 34 Year Questions in UPSC Mains Download

प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए Free Study Material Download करने के लिए  Wifigyan.com पर रेगुलर Visit करते रहे| और अगर आप लोगो को हमारा यह प्रयास अच्छा लगे तो हमारे इस पोस्ट को अपने दोस्तों तक जरुर पहुचाये  इससे उनको भी फयदा होगा |हमारा यह प्रयास की आप लोगो को फ्री Study Material मिलता रहे सतत जारी रहेगा |धन्यवाद |

इसे भी देखें:- UPSC Mains Exam Previous Year Paper of Geography Download

इसे भी देखें:- Ethics Integrity and Aptitude for UPSC Mains GS-IV PDF Download

Download ध्येय IAS Hindi Sahitya Pdf For UPSC Mains:-


More Books/Pdf For UPSC:-

Friends, if you need an eBook related to any topic. Or if you want any information about any exam, please comment on it. Share this post with your friends on social media. To get daily information about our post please Click The Bell Icon Which is Given Below.

Disclaimer
Wifi Gyan does not own this book, neither created nor scanned. We just provide the link already available on the internet. If anyway it violates the law or has any issues then kindly mail us: wifigyan.com@gmail.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here